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राजमार्ग के चालकों से एक मुलाकात

by रघुराम

Posted on Sept 21, 2016 at 10:25 AM

हाल ही में हमारी मुलाकात हुई हाइवे के चालकों के संग l बेस्ट रोडवेज के सौजन्य से आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम में हमें उनके चालकों से मिलने और ज्ञान का आदान प्रदान करने का एक सुनहरा मौका मिला l सबसे बड़ी अच्छी बात यह थी की बेस्ट रोडवेज के कर्ता - धर्ता ने इस पूरे कार्यक्रम के दौरान उपस्थित रहकर कार्यक्रम में भाग लिया जो उनके सारे ड्राइवरों के लिए एक उत्साह का स्त्रोत बन गया l इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन ही खुद इस बात का संकेत देता है कि आज का परिवहन जगत अब इस बात को स्वीकार कर रहा है कि ड्राइवर न केवल संस्था का अभिन्न अंग है बल्कि सारे परिवहन जगत की अभिवृद्धि का एक मुख्य कारक भी है l बेस्ट रोडवेज के इस सोच का हम हार्दिक दिल से स्वागत करते हैं l

Best Transporter

ट्रांसपोर्ट मित्र अपनी सहयोगी संस्था पिक्सेल हेल्थ के संग पहुंच गई बेस्ट रोडवेस के प्रांगण में अपने अभियान के लिए सिद्ध हो कर l बेस्ट के प्रांगण में प्रवेष करते ही मशीनों की गड़गड़ाहट और बड़ी-बड़ी ट्रकों के इंजन की घरघराहट के बीच से निकलते हुए हम पहुंचे उनके ट्रेनिंग सेंटर पर l

स्वभाव से संकोची और अंतर्मुखी चालकों के समुदाय को अपने कोष से निकालने के लिए अथक कुशलता की आवश्यकता पड़ती है l परंतु अगर आप सफल हो गए तो अपने सामने पाएंगे एक तर्कसंगत व्यक्ति जो जीवन की कठिनाइयों से वास्तविक समाधान ढूंढ निकालता है l इसके लिए आवश्यक है आप उसके कलुषित भाषा को नजरअंदाज कर सकें l

प्रशिक्षण को मात्र औपचारिक न रखकर उन्हें अपने संग लेकर चलने में ही दूरदर्शिता है l हमारा लक्ष्य था Best के चालकों में एक जागरुकता पैदा की जाए l इनमें कुछ वरिष्ठ ड्राइवर थे और कुछ कम अनुभव के नौजवान l उनकी असहजता को दूर करने के उद्देश्य से हमने उनसे एक प्रश्न पूछा ,"क्या आप अपने बेटे या भाई को इस पेशे में लाना चाहेंगे"? एकमत से नकारात्मक जवाब मिला l आज के इस युग में कुछ एक ही ऐसे मुद्दे होते हैं जिन पर सर्वसम्मति होती है और वह भी बिना किसी प्रकार के उकसावे से l अपने पद की वरिष्ठता,उम्र, क्षेत्रीय और धार्मिक आधारों से भिन्न होते हुए भी उनका एकमत जवाब इस बात को खुलकर दर्शाता है कि आज भारतीय समाज में ड्राइवर की वृत्ति को किस नजरिए से देखा जा रहा है l इस वृत्ति को लेकर उनकी उदासीनता उनकी मानसिकता पर पडा खरोंच ही है l हमारा प्राथमिक उद्देश्य उनकी इस मानसिकता में परिवर्तन लाना ही था l

हमारे इस सत्र में हमने हुनर, सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी बातों पर बल दिया l हुनर से हमारा मतलब कतई यह न था कि हम उन्हें वाहन चलाना सिखाएं l सारथी तो अपने साथ अनुभव का पिटारा रखते हैं अपने ट्रक को चलाने में l आज उन्हें आवश्यकता है ऐसी बातों से अवगत होना जो वह जानते हुए भी न जानते हैं l आज व्यक्ति की पहली पहचान उसकी वेशभूषा और चाल-चलन से होती है l भला अच्छा दिखने में बुरा क्या है ? हमने उन्हें समझाया उन्हीं के माध्यम से कि अगर साफ सुथरे और ढंग के कपड़े पहनना शुरू करें तो सामाजिक मान्यता की पहली मांग को वे पूरा कर सकेंगे l यह कतई जरूरी नहीं कि कपड़े महंगे हो l क्या वे अपने नन्हें मुन्नों के साथ बिना सजे संवरे उनकी पाठशाला जाने की सोच भी सकते हैं ? सबसे पहले टोकने वाला उनका अपना नन्हा मुन्ना ही होगा l अगर उस नन्हे मुन्ने को इस बात का पता है कि अच्छे कपड़ों में इज्जत मिलती है तो फिर भला उनकी समझ में यह बात क्यों नहीं आती ? बात दिलों तक पहुंच गई l सहमति में हिलते हुए उनके गर्दन इस बात की हामी दे रहे थे l

हमारा अगला कदम उनके खान पान से था l चालक, खासकर हाईवे के चालक, अपना समय घर में कम और हाइवे पर ज्यादा बिताते हैं l ऐसे में यह बात और भी अहम हो जाती है l उनका भोजन सस्ता हो साथ ही स्वास्थ जनक भी l हर रोज कम से कम पांच- छह चाय पीने के की जगह अगर वह कम चाय पिएं और उस पैसे से हर रोज एक स्थानीय फल खाएं तो यह उनके लिए काफी अच्छी बात होगी l आसानी से मिलने वाले इन फलों से होने वाले लाभों की बात जब हमने उन्हें समझाई तो उनके चेहरों पर आश्चर्य के साथ साथ सहमति भी दिख पड़ी l प्रतिदिन सुबह उठते ही 1लीटर पानी का पीना किस तरह उनकी पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने में सहायक बनता है और साथ ही शरीर के अन्य अंगों को किस प्रकार की राहत मिलती है इस बात का हमने विश्लेषण किया l बात उनके फायदे की ही थी l

हम अगले पड़ाव पर आ गये l चालक की अगली आवश्यकता है सुरक्षा l सुरक्षा खुद उनकी , उनके वाहन और वाहन में लादे गए माल की l लंबे दौर में निकलने से पहले अक्सर हर एक चालक अपने गाड़ी की यांत्रिक जांच जरुर कर लेता है अगर इसी बात को एक sop में बदल दिया जाए तो न केवल अनुभवी बल्कि नए चालकों को भी मार्गदर्शन मिलेगा और उस कंपनी में एक विश्वसनीय मापदंड भी बनाया जा सकेगा l चालकों और मालिकों की सह सम्मति से तैयार किए गए इस मापदंड को दोनों की तरफ से स्वीकृति मिलेगी l सुरक्षा की बात करते करते हमने बात की रुख उनकी सुरक्षा की ओर कर दिया l हमारा मकसद ट्रक चलाते वक्त सड़क की सुरक्षा से नहीं बल्कि घर परिवार से दूर हाईवे पर सेक्स कर्मियों के संग गुजारे उन क्षणों की सुरक्षा की बात थी l निरोध का प्रयोग ट्रक की पाइप में से होने वाली डीजल की लीक को रोकने के साथ-साथ अगर वह इसका उपयोग उन क्षणों में भी करें तो न केवल यह उनके स्वास्थ्य और जीवन बल्कि उनके परिवार की भी सुरक्षा का माध्यम होगा l उस समय तो उनके सर झुके ही रहे परंतु हमारे मेडिकल टीम से उन्होंने अकेले में इसके बारे में और जानकारी ली l चलो जागरुकता की एक लहर तो उठी, चुपचाप ही सही l

राजमार्ग के ड्राइवरों की सामाजिक एवं व्यावसायिक स्थिति में अभी काफी सुधार लेकर आना है l इसके लिए परिवहन जगत के दावेदारों इस व्यवसाय से जुड़े अन्य भागीदारों के साथ साथ स्वयं चालकों को भी इस दिशा में काफी प्रयत्न करने होंगे l सबसे दुखद बात तो यह है कि ऐसा करने के लिए घोड़ा तालाब के पास नहीं बल्कि तालाब को घोडे के पास लाने की कशमकश करनी होगी l अंततः ड्राइवरों के जीवन का सुधार समस्त परिवहन जगत के सुधार की ओर एक ठोस कदम होगा l एक दिवसीय प्रशिक्षण का कार्यक्रम इस दिशा में उठाने वाले कदमों का एक सांकेतिक चिन्ह मात्र ही है l अंग्रेजी भाषा में एक कहावत है "रोम एक दिन में नहीं बना था "


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