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“नशे की मार बेशुमार”

by Raghuram

Posted on May 31, 2016 at 11:30 AM

नशीले पदार्थों का सेवन समय के साथ-साथ तेज गति से बढ़ता जा रहा है l इनसे ज्यादातर युवा अवस्था के लोग प्रभावित हो रहे हैं l शराब, सिगरेट,बीडी और जर्दा के साथ-साथ अफीम गांजा आदि का सेवन एक आम बात हो गई है l इस लत के शिकार खासकर हाईवे के चालक हो रहे हैं l रोजमर्रा की परेशानियों और तनाव से मुक्ति पाने का यह एक मुख्य साधन हो गया है l लेकिन क्या वास्तव में ऐसे नशीले पदार्थ तनाव और परेशानियों से मुक्ति दिला पाते हैं या फिर खुद ही तनाव का एक और कारण बन जाते हैं ? देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के जिम्मेदार ड्राइवर भाइयों का यह समुदाय खुद अपने आपकी अर्थव्यवस्था को बिगाड़ने के साथ साथ अपने शारीरिक मानसिक और पारिवारिक जीवन को अस्त- व्यस्त कर रहे हैं l मैं यह नहीं कह रहा हूं कि सारा का सारा समुदाय नशीले दवाओं का शिकार है इनमें से बहुत चालक ऐसे भी है जो इन सबसे दूर रहकर न केवल अपने स्वास्थ्य को ठीक रख रहे हैं बल्कि दूसरों के लिए भी एक मिसाल कायम कर सकते हैं l आज की हमारी चर्चा इसी जानलेवा लत के लक्षण को जानना, पहचानना , इसके बुरे प्रभाव और समुदाय पर इसका असर और अंत में इनसे छुटकारा पाने के उपाय l आइए तो सबसे पहले हम इस बात को जान लें कि नशीली दवाओं के चपेट में आए व्यक्तियों में क्या क्या लक्षण दिखते हैं l

चनशे की गिरफ्त में आने वाले लोगों के स्वभाव में अचानक परिवर्तन आ जाता है बात बात पर झूठ बोलना उधार लेना चोरी करना व असामाजिक गतिविधियों में लिप्त रहना , गाडी चलाते समय बार-बार दुर्घटना होना , पुराने दोस्तों के साथ समय न बिताना , नए-नए मित्रों का निश्चित समय पर उनके पास घर आना , अधिक खर्च की माँग, पैसा नहीं मिलने पर उत्तेजित और आक्रामक हो जाना , इस बात की ओर संकेत करते हैं कि यह युवक शायद नशीले पदार्थों के शिकंजे में फंस गया है l

वह साफ सफाई के प्रति बेहद लापरवाह हो जाते हैं तथा ब्रश करने नहाने जैसे नियमित कामों को भी टालने लगते हैं l ऐसे लोगों की चाल में लड़खड़ाहट बोलने में तुतलाहट अथवा हकलाहट आ जाना आम बात है l इनके लती लोगों की निद्रा में अनियमितता भूख कम लगना आंखो का लाल हो जाना आंखे बुझी सी रहना आंखों के नीचे सूजन जैसे लक्षण आम तौर से देखे जाते हैं l

ड्रायवर नशे की लत में कैसे पड जाता है ? अधिकांश चालकों का यह मानना है की नशा करने से नींद नहीं आती है और वह लंबे समय तक गाड़ी चला सकते हैं नशे करने वाले ऐसे कई चालक हैं जो मानसिक तनाव से मुक्ति के लिए नशीली दवाएं लेते हैं l उनके सेवन से प्रारंभ में तो राहत सी महसूस होती है लेकिन अंत बेहद बुरा होता है l कुछ समय बाद नशे की आदत सी पड़ जाती है और इससे छुटकारा पाना काफी हद तक मुश्किल हो जाता है l

अब एक नजर डालते हैं इस नशे के कुपरिणामों पर - एक और जहाँ ऐसे लोग अनेक शारीरिक व्याधियों के शिकार हो जाते हैं वहीं हिंसा और गुनाह की प्रवृत्ति के चपेट में आने से स्वयं को तथा परिवार को संकट में डाल देते हैं l नशीली दवाओं के लती लोगों के आत्मविश्वास में बेहद कमी आ जाती है l इस प्रकार के लोगों में बहुत ही गंभीर किस्म का डीहाइड्रेशन हो सकता है l इनके अलावा इसके सेवन से किडनी की बीमारी या अवसाद भी होता है l

नशीली दवाएं रोगी के निर्णय लेने की क्षमता पर असर डालती हैं इसकी वजह से गंभीर दुर्घटनाएं हो सकती हैं l यही नहीं ऐसे रोगी असुरक्षित सेक्स संबंध बनाने का जोखिम उठा लेते हैं जिससे एड्स की संभावनाएं बढ़ जाती है l

हशीश के धुएं में पाए जाने वाला कार्बन मोनोऑक्साइड बगैर रंग और गंध वाली गैस होती है जो रोगी की जान भी ले सकती है l कोकेन जैसा नशीला पदार्थ हार्ट अटैक का कारण होता है जिससे व्यक्ति की मौत भी हो सकती है l

नशा के आदी चालकों को ठीक करने में उसके दोस्त और परिवार के सदस्यों की एक अहम भूमिका होती है l ऐसे व्यक्ति के साथ ईमानदारी और सहानुभूति का रुख अपनाकर उसके आत्मविश्वास को जगाने में उसकी मदद करें l नशा मुक्ति केंन्र्द की सहायता से इस लत् से छुटकारा पाया जा सकता है l

आज़ आवश्यकता है एक दृढ़ संकल्प लेने की कि हम अपने चालक समुदाय के राह भटके युवाओं को गुमराह न होने देंगे l अपनी खोई हुई साख को वापस ले आएँगे ताकि हम गर्व से कह सकें कि हम हाइवे के सिपाही हैं l


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