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चालक दिवस उत्सव 2016

by रघुराम

Posted on Feb 21, 2016 at 10:30 AM

12 फरवरी 2016: आज उत्सव का दिन है l चालकों का उत्सव l वैसे तो कार्यक्रम का प्रारंभ 10:00 बजे से है लेकिन 8:00 बजे से ही उत्साह से भरे ड्राइवर साथियों के आने का तांता लग गया l अपने साधारण दिनचर्या के वेशभूषा से बिल्कुल अलग लग रहे हैं ये साथी l  रंग बिरंगे पोशाक, सजा संवारा चेहरा और चेहरों पर एक कांति l भला क्यों ना हो यह उनका दिन है l इस कार्यक्रम को आयोजित करने का श्रेय जाता है होसुर स्थित अशोक लीलेंड  और उनसे  जुड़े ट्रांसपोर्ट कंपनियों को जिनके सौजन्य से इस कार्यक्रम को आज आयोजित किया जा रहा है l इस उत्सव को  एक नए अंदाज में पेश  करने की जिम्मेदारी ली है  ट्रांसपोर्टमित्र ने l  जगह जगह पोस्टर और बैनर्स लगे हुए हैं l  इंट्रेंस पर सुरक्षा जांच के बाद  इनके  पंजीकरण की व्यवस्था हॉल के एक ओर की  गई है l   दूसरी ओर  शामियाना लगा हुआ है  जिसमें अतिथियों के स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था है अशोक लीलेंड का भव्य  कॉन्फरे्ंस हॉल अपने अतिथियों से धीरे-धीरे भरने लगा l स्वाभाविक रुप से अपने-अपने दलों के साथ बैठकर  चालकगण मशगूल  हो गए आपस में बातचीत करते हुए l  मंच से एक आवाज आई "नमस्कार चालक साथियों " l हॉल गूंज पड़ा इन साथियों के जवाबी नमस्कार से l  मंच पर अशोक लीलेंड के अधिकारी और ट्रांसपोर्ट कंपनियों के  मालिकों का स्वागत किया गया फूलों और जोरदार तालियों के साथ l कार्यक्रम का आरंभ चालकों के लिए खास लिखी गई प्रार्थना  से हुई l मंच से उभरते हुए प्रार्थना के शब्द और हॉल में ड्राइवर साथियों द्वारा दुहराती ध्वनि के बीच एक समा सा  बंध  गया l उनके  स्वर से स्वर मिलाकर मंच पर बैठे हमारे मुख्य अतिथि गण मानो  इस बात की पुष्टि कर रहे हों  कि हम और आप एक हैं l

कार्यक्रम का अगला भाग था व्यवहारिक योग और व्यायाम l  हमारे योग गुरु ने उपस्थित दर्शकों को अपने साथ योग और व्यायाम करने का प्रोत्साहन  दिलाया l सबसे मजेदार बात यह रही की हाईवे चालकों में से कुछ एक ऐसे भी थे जो खुद योग में माहिर थे l उन्हें मंच पर बुलाकर योग प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया गया l जोरदार तालियों से उन्हें अपने साथियों से भी शाबाशी मिली l

माननीय श्री गौरव महापात्रा , होसुर अशोक लीलेंड  के लॉजिस्टिक हेड, ने आंकड़ों की सहायता से  भारत के हाइवे पर होने वाली दुर्घटनाओं पर प्रकाश डाला साथ ही भारत के विभिन्न शहरों का लेखा-जोखा दिया,  दुर्घटनाओं के आकड़ों के हिसाब से l उनका कहना था कि भले ही ऐसे आंकड़े भयावह लग रहे हों परंतु इनसे हमें सड़क सुरक्षा की ओर और अधिक ध्यान देने पर   मजबूर करेंगे l श्री गिरीश जनार्धन ,जनरल मैनेजर, और श्री रजत गुप्ता, जनरल मैनेजर, अशोक लीलेंड , ने अपने संक्षिप्त भाषण में परिवहन जगत के विभिन्न पहलुओं से परचित करवाया l

Driver Day - Ashok Leyand

अशोक लीलेंड के अधिकारियों ने अपने ट्रांसपोर्टरों और  ड्राइवरों को विभिन्न श्रेणियों के पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की l इन पुरस्कारों के  अलावा एक और दिल छू लेने वाली बात थी l  अशोक लीलेंड ने अपने एक दिवंगत चालक  के परिवार को कंपनसेशन चेक प्रदान किया l संवेदनशीलता का यह  पाठ परिवहन जगत के अन्य मालिकों के लिए एक उदाहरण बन जाएगा ऐसी हमारी आशा है l  मंच पर उपस्थित ट्रांसपोर्ट मालिकों की अब पारी थी  चालकों को संबोधित करने की l मरकू्रियाे पालिया के श्री विपुल नंदा, जोहल लॉजिस्टिक्स के श्री जयवीर जोहल, ओ एस एल  के श्री मनोज गोयल, IVC  के श्री दीपांकर, दयाल लॉजिस्टिक्स  के श्री सुख दयाल कुमार तथा DBRC के श्री बवेजा  ने चालकों को परिवहन जगत के समसामयिक विषयों से , अपने सरल और सटीक शब्दों में , अवगत कराया l  KRK फाउंडेशन के प्रधान श्री रमेश कुमार ने  अपने स्वाभाविक अंदाज में कभी प्यार से तो कभी फटकार से अपने चहेते चालकों को 'किसी भी समाज में ड्राइवरों का महत्व' विषय पर व्याख्यान दिया l  मंच पर उपस्थित सारे के सारे  अतिथियों ने  चालको को हिंदी में ही संबोधित किया ताकि सहज रुप से बातें उनकी समझ में आ जाए l भोजन के पहले  चालक वर्ग को सुरक्षा  विषयों का  पालन करने का शपथ दिलवाया गया l

भोजन के मामले में भी कोई भेदभाव नहीं था l अशोक लीलेंड ने अपने कॉर्पोरेट रेस्ट्रॉन्ट के द्वार सभी के लिए एक समान खोल दिए l

भोजनोपरांत कार्यक्रम फिर जारी  रहा l हाईवे  संकेतों को लेकर एक प्रतियोगिता चली l  सारे के सारे चालक अलग-अलग दलों में बांट दिए गए l  हर दल का नाम अशोक लीलेंड के विभिन्न गाड़ियों के नाम ही थे l किव्ज़  मास्टर  श्री वेणु गोपाल  के पर्यवेक्षण में आयोजित इस कार्यक्रम में सभी दलो ने बड़े जोशो-खरोश  से भाग लिया l इसका उद्देश्य था सभी चालको को हाईवे संकेतों से परिचित करवाना और काफी हद तक इनमें सफल हुए श्री वेणु गोपाल l

आज के इस आयोजन का अगला हिस्सा था मस्तिष्क मंथन l हर एक दल को एक विषय दिया गया l  विषय था  "हाईवे पर चालकों की परेशानियाँ और उनके  निवारण "सभी दलों ने  ट्रांसपोर्ट मित्र के कार्यकर्ताओं के निरीक्षण में आपस में  सलाह मशवरा करने के उपरांत दलों के नायको को मंच पर बुलाकर उनसे अपने दल  के विचारों को सबके  सामने पेश करने को कहा गया l हम सब काफी प्रभावित हुए  उनके विचारों को सुनकर l चालकों को  एक मौका मिला  अपने मन की बात कहने और सुनने के लिए l.

चलें कुछ मौज मस्ती भी कर लिया जाए l  घोषणा हुई  मंच से  l ड्राइवर साथियों को  मंच पर ज्यादा जोर लगाकर बुलाने की आवश्यकता नहीं पड़ी l एक के बाद एक अनेक चालकों ने  कविता पाठ, शायरी, गाने और नाच  का प्रदर्शन किया l  कार्यक्रमों का भरपूर आनंद लिया उत्सव में भाग ले रहे हाईवे के चालकों ने और  भला भाग क्यों ना लें यह तो उनका दिवस है उनका उत्सव है l

चाय पानी का वक्त हो चला था l विश्राम के अंतराल के बाद आज के इस उत्सव का अगला भाग  खेल कूद था l  दलों को बरकरार रखा गया l खेलकूद में रस्साकशी,  बॉलीबॉल को गोल में डालना और रस्से को पकड़कर ऊंची पोल पर चढ़ना आदि सम्मिलित किए गए थे l  उनकी गर्मजोशी  और खेल भावना देख कर मन  आनंदित हो गया l  खेल के मैदान में दो  झूले भी लगे हुए थे जिनका भरपूर आनंद लिया कुछ एक साथियों ने  अपने खाली समय में l  हॉल में हम सब फिर वापस पहुंचे l  इसके उपरांत ट्रांसपोर्ट मित्र ने 'स्मार्ट ड्राइवर प्रोग्राम' का  आयोजन किया l  इसके अंतर्गत ड्राइवरों को आज के समाज में आगे बढ़ने के लिए जरूरी हुनर सुरक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दों पर उनको उन्हीं के माध्यम से ज्ञान बांटा गया l

सभी चालकों को भेंट दिए  गये l  साथ ही 'सुख की नींद मिले चालक को ' ऐसी भावना रखकर उपहार स्वरूप  जोहल लॉजिस्टिक्स की ओर से मुलायम तकिए वितरित किए गए l

इसके उपरांत धन्यवाद प्रस्ताव पारित करने के बाद उपस्थित सभी  चालकों, अशोक लीलैंड के अधिकारी और ट्रांसपोर्ट मालिकों  ने  खड़े होकर राष्ट्रगान  में हिस्सा  लिया l

आज का यह उत्सव अपने आप में अनोखा था इस उत्सव का आयोजन चालको के लिए और चालकों के साथ किया गया l


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